13 जुलाई 2014 - 19:47
 एकजुट हों मुसलमान, दाइश एक आतंकवादी संगठन है।

ब्रिटिश उल्मा द्वारा ब्रिटिश नौजवानों को दाइश के क़रीब आने से रोकने के लिये जारी किये गए एक बयान में कहा गया है कि, तथाकथित ख़लीफ़ा सबसे ज़्यादा कमीशन और भत्ता लेने वालों में गिना जाता है।

ब्रिटिश उल्मा द्वारा ब्रिटिश नौजवानों को दाइश के क़रीब आने से रोकने के लिये जारी किये गए एक बयान में कहा गया है कि, तथाकथित ख़लीफ़ा सबसे ज़्यादा कमीशन और भत्ता लेने वालों में गिना जाता है।
इस बयान में दाइश से जुड़े लोगों को आतंकवादी कहा गया है। इन उल्मा नें कहा है कि उनका यह बयान मीडिया पर दाइश के हवाले से जारी रणनीति का तोड़ करने के लिये है जो नौजवानों को भटकाने के लिये जारी है और जिसके माध्यम से दाइश विदेशी नौजवानों को अपने ख़लीफ़ा से परिचित करा रहा है।
उल्मा के अनुसार दाइश का न कोई धर्म है और न यह संगठन किसी मज़हब का नेतृत्व करने का अधिकार रखता है। इन उल्मा में शिया संगठन उल्माए शिया के प्रमुख सय्यद अली रज़ा नें कहा कि, हम मुसलमान दाइश के ख़िलाफ़ एक साथ हैं क्योंकि दाइश एक आतंकवादी संगठन है और हम इस अत्याचारी संगठन के ख़िलाफ़ हैं।