8 जुलाई 2014 - 17:18
दाइश आतंकवादी संगठन के लिए इराक़ के तीन महत्वपूर्ण निशानें।

इराक़ में आईएसआईएस और सेना के मध्य घमासान का युद्ध जारी है और आईएसआईएस के आतंकवादी इस देश के अत्याधिक महत्वपूर्ण और स्ट्रेटजिक स्थलों पर क़ब्ज़ा करने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं।

इराक़ में आईएसआईएस और सेना के मध्य घमासान का युद्ध जारी है और आईएसआईएस के आतंकवादी इस देश के अत्याधिक महत्वपूर्ण और स्ट्रेटजिक स्थलों पर क़ब्ज़ा करने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं।
हम आप को उन तीन अत्याधिक महतवपूर्ण स्थलों से परिचित करा रहे हैं जिस पर आईएसआईएस के आतंकवादी हर हाल में क़ब्ज़ा करना चाहते हैं और इन स्थलों पर क़ब्ज़ा का अर्थ इराक का विनाश होगा।
स्पाइकर वायु छावनीः
आईएसआईएस के आतंकवादियों के लिए सब से महत्वपूर्ण स्थल, सलाहुद्दीन प्रान्त में और तिकरीत के पश्चिम में स्थित एक हवाई छावनी है
जहां प्रायः रंगरूटों की ट्रेनिंग की जाती है। इस छावनी को अब तक केवल एक बार वर्ष १९८० से लेकर १९८८ के मध्य युद्ध के लिए प्रयोग किया गया।यह छावनी वायु सेना के कैडिट कालेज के बिल्कुल पास स्थित है।
इराक़ पर अमरीकी आक्रमण के दौरान स्काट स्पाइकर नामक एक अमरीकी पायलट के विमान को बमबारी के दौरान सद्दाम की सेना ने मार गिराया था। इसी लिए इराक़ पर कब्ज़े के बाद अमरीकी सेना ने इस छावनी का नाम स्पाइकर रख दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार इस छावनी का इतना महत्व है कि जिसका भी इस पर अधिकार होगा वह उत्तरी इराक़ के पूरे क्षेत्र पर क़ब्ज़ा कर लेगा। यह छावनी तिकरीत से १२ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इस समय इराक की स्पेशल फोर्स वहां तैनात है जो उत्तरी क्षेत्रों में आईएसआईएस के आतंकवादियों को निशाना बना रही है।
इस छावनी से कुछ ही दूर वह क्षेत्र हैं जिन पर आईएसआईएस का क़ब्ज़ा है और उन्होंने अब तक कई बार इस छावनी पर क़ब्ज़े की कोशिश की किंतु अब तक उनकी हर कोशिश नाकाम रही है। यह छावनी इराकी सेना के लिए भी अत्याधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां से पूरी उत्तरी इराक़ के किसी भी क्षेत्र पर विमान द्वारा बमबारी की जा सकती है।
इराकी सेना इस छावनी की सहायता से उत्तरी क्षेत्रों को आईएसआईएस के क़ब्ज़े से छुड़ा सकती है, आईएसआईएस से लड़ने वाले सैनिकों को रसद पहुंचा सकती है और आईएसआईएस आतंकवादियों की रसद मार्ग को बंद कर सकती है। इसी छावनी से उत्तरी इराक में आईएसआईएस की गतिविधियों पर नज़र रखी जाती है।
बीजी रिफायनेरी
आईएसआईएस के आतंकवादियों की नजर में एक अन्य अति महत्वपूर्ण जगह बीजी ऑयल रिफायनरी है।बीजी सलाहुद्दीन प्रांत का एक नगर है और राजधानी बगदाद से २१० किलोमीटर उत्तर में स्थित है।
यह इराक के बड़े तेल शोधक कारखानों में से एक है और २५ जून को इराकी सेना इसे आईएसआईएस के आतंकवादियों से छुड़ाने में सफल हुई। इस कारखाने पर क़ब्ज़े से आईएसआईएस की आर्थिक शक्ति में असाधारण रूप से वृद्धि हो जाएगी इसके अलावा इससे इराक सरकार पर दबाव बढ़ेगा क्योंकि इस पर आईएसआईएस क़ब्ज़े के कारण सरकार को अन्य देशों से ईंधन का आयात करने पर विवश होना पड़ेगा।
आईएसआईएस ने इस बीजी तेलशोधक कारखाने पर क़ब्ज़े के प्रयास में अपने सैंकड़ों सदस्य गवांए हैं किंतु इराकी सेना ने अभी तक उनके प्रयास को विफल ही बनाया है।
इराक के आर्थिक विशेषज्ञ मीसम लईबी का कहना है कि बीजी ऑयल रिफायनरी इराक के पचास प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करती है और इस कारखाने पर आतंकवादियों के क़ब्ज़े से इराक में ईंधन का संकट पैदा हो जाएगा।
शायद इस कारखाने के महत्व के कारण ही इस पर दोबारा क़ब्ज़ा करने वाले सैनिकों और सैन्य अफसरों को इराक के प्रधानमंत्री नूरी मालेकी ने विशेष रूप से सम्मानित किया और उन्हें तरक्की दी।
हदीसा डैम
इराक़ का हदीसा बांध उन स्थलों में है जिस पर क़ब्ज़ा करना आईएसआईएस के मुख्य उद्देश्यों में से है और इस पर कब्ज़े के बाद मानो इराक की गर्दन उसके हाथ में आ जाएगी।
यह पश्चिमी इराक के अलअबंबार प्रान्त के हदीसा नगर में फुरात नदी पर बनाया गया बांध है और इसे मौसिल डैम के बाद, इराक का दूसरा सब से बड़ा बांध कहा जाता है।
वर्ष २००३ में अमरीकी सैनिकों ने इस बांध को सैन्य छावनी के रूप में प्रयोग किया था। इस बांध का निर्माण वर्ष १९७८ में पूर्व युगोस्लाविया के सहयोग से आरंभ हुआ और वर्ष १९८६ में खत्म हुआ।
आईएसआईएस के आतंकवादी इस अतिमहत्वपूर्ण बांध के कुछ किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुके हैं किंतु इराकी सरकार ने इस क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल भेज दिये हैं ताकि इस बांध पर आतंकवादियों का अधिकार न होने पाए।
आईएसआईएस ने धमकी दी है कि अगर वह बांध पर क़ब्ज़ा करने में सफल हुआ तो इराकी नगरों में पानी से बहा देगा।विशेषज्ञों को अनुसार यदि इस बांध के फाटकों को खोल दिया जाए या विस्फोट से उड़ा दिया जाए तो मूसिल नगर कुछ ही घंटों में पूर्ण रूप से पानी में डूब जाएगा और कई मीटर ऊंची लहरें तेज़ी के साथ बगदाद की ओर बढ़ जाएंगी।
इस से पूर्व फल्लूजा में आईएसआईएस के आतंकवादियों ने एक छोटी सी झील के पानी को खोल कर कई क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया था।
विशेषज्ञों के अनुसार यह बांध , आम तबाही फैलाने वाले हथियार की भांति है इस पर कब्ज़े से बगदाद सरकार पर अत्याधिक दबाव पड़ सकता है इससे पीने का पानी नष्ट किया जा सकता है और खेतों को पूरी तरह से तबाह किया जा सकता है।
वर्ष २००३ में अमरीकी सैनिकों ने सब से पहले इसी बांध पर क़ब्ज़ा किया था ताकि सद्दाम की सेना इसे प्रयोग करके इराक में तबाही न मचा दे।
इस बांध की तबाही की दशा में पानी का विशाली रेला, पांच करोड़ गैलेन प्रति सेंकेड की रफ्तार से आगे बढ़ेगा और कुछ घंटों में मूसिल नगर में पानी की ऊंचाई पच्चीस मीटर हो जाएगी और नगर की हर चीज़ डूब जाएगी और इसी प्रकार तीन दिनों के भीतर इराक की राजधानी बगदाद जल में समा जाएगा और इराक की २५० वर्गकिलोमीटर कृषि भूमि तबाह हो जाएगी।