8 जुलाई 2014 - 17:17
आतंकवादी, सऊदी अरब और यमन पर भी कर सकते हैं हमला।

सोशल मीडिया के हवाले से तसनीम समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट दी है कि दौलतुल इस्लामी फ़ी यमन व सऊदिया या दाइश के नाम से एक नए आतंकवादी गुट ने काम करना आरंभ कर दिया है।

यमन और सऊदी अरब में दाइश के नाम से आतंकवादी गुट के गठन की सूचना है। सोशल मीडिया के हवाले से तसनीम समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट दी है कि दौलतुल इस्लामी फ़ी यमन व सऊदिया या दाइश के नाम से एक नए आतंकवादी गुट ने काम करना आरंभ कर दिया है। यमन व सऊदी अरब में बड़ी संख्या में तकफ़ीरी आतकंवादियों की उपस्थिति के कारण इस प्रकार के आतंकवादी संगठनों के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सूचना के अनुसार यह गुट सऊदी अरब से संघर्ष के लिए गठित हुआ है और संभावना है कि शरूरा के क्षेत्र में सुरक्षा बलों के विरुद्ध जो हमले हुए थे वह इसी गुट ने किए थे।
इस बीच यमन के हूसी गुट की राजनैतिक शाखा अंसारुल्लाह संगठन के एक सदस्य ने कहा है कि अमरीका तकफ़ीरी आतंकवादियों के माध्यम से यमन में हस्तक्षेप करना चाहता है। ज़ैफ़ुल्लाह शामी ने मंगलवार को अलआलम टीवी से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के सलाहकार मोहसिन अहमर के समर्थक आतंकवादियों को राजधानी सनआ के निकट बसाना चाह रहे हैं ताकि झड़पें देश के केंद्र तक पहुंच जाएं और इस प्रकार अमरीका, यमन के मामलों में हस्तक्षेप कर सके।
उन्होंने कहा कि आतंकियों के सरग़ना, सेना में भी पहुंच चुके हैं और सेना के अधिकारी, तकफ़ीरियों को देश के भीतर व बाहर से ला कर सेना में भर्ती कर रहे हैं तथा उन्हें शस्त्र दे रहे हैं जिससे सेना में भारी मतभेद पैदा हो गया है।