7 जुलाई 2014 - 11:21
पिछले ज़माने से नसीहत लेना।

इमाम हसन अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः अतीत से दर्स लो और बीते ज़माने के लोगों की निशानियों से नसीहत।

इमाम हसन अलैहिस्सलामफ़रमाते हैः अतीत से दर्स लो और बीते ज़माने के लोगों की निशानियों से नसीहत।