3 जुलाई 2014 - 17:17
इल्म जिसका प्रसार न किया जाए।

इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः जिस इल्म का प्रसार न किया जाए वह उस दिये की तरह है जिसे ढांक दिया जाए।

इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः जिस इल्म का प्रसार न किया जाए वह उस दिये की तरह है जिसे ढांक दिया जाए।