मिस्र के प्रख्यात अलअज़हर विश्व विद्यालय के एक प्रोफ़ेसर ने कहा है कि आतंकियों और हत्यारों को ख़लीफ़ा निर्धारित करने का अधिकार नहीं है।
प्रोफ़ेसर अशरफ़ फ़हीम ने आतंकवादी संगठन आईएसआईएस की ओर से इस्लामी शासन की स्थापना और ख़लीफ़ा के निर्धारण की घोषणा की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार के शासन और ख़लीफ़ा को सभी मुसलमान रद्द और उसकी आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि दाइश का यह क़दम न तो इस्लाम की परिधि में है और न ही इस्लामी जगत इसे स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म कभी भी इस बात की अनुमति नहीं देता कि लोगों की धन संपत्ति और इज़्ज़त को लूटा जाए और इस्लाम की भी बात की जाए।
अलअज़हर विश्व विद्यालय के इस प्रोफ़ेसर ने कहा कि आईएसआईएस ने जिस व्यक्ति को ख़लीफ़ा के रूप में निर्धारित किया है उसे अतिक्रमणकारी ही नहीं हत्यारा और आतंकवादी भी कहा जाना चाहिए और वह किसी भी रूप में मुसलमानों का ख़लीफ़ा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को इस प्रकार के आतंकवादियों का मिल कर मुक़ाबला करना चाहिए क्योंकि वे वे इस्लाम के नाम पर जो कुछ कर रहे हैं वह इस्लाम का सबसे बड़ा अनादर है।
3 जुलाई 2014 - 09:27
समाचार कोड: 621034
मिस्र के प्रख्यात अलअज़हर विश्व विद्यालय के एक प्रोफ़ेसर ने कहा है कि आतंकियों और हत्यारों को ख़लीफ़ा निर्धारित करने का अधिकार नहीं है।