26 जून 2014 - 16:14

इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैंः सबसे अच्छी चीज़ जो बाप अपने बेटों के लिए मीरास के रूप में छोड़ता है वह शिष्टाचार है न कि माल-दौलत, क्योंकि माल-दौलत चला जाता है लेकिन शिष्टाचार बाक़ी रहता है।

इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैंः सबसे अच्छी चीज़ जो बाप अपने बेटों के लिए मीरास के रूप में छोड़ता है वह शिष्टाचार है न कि माल-दौलत, क्योंकि माल-दौलत चला जाता है लेकिन शिष्टाचार बाक़ी रहता है।