ईराक़ में आतंकवाद की घटनाओं में तेज़ी, संसदीय चुनाव से डरी हुईं ताक़तों की बौखलाहट का परिणाम है। विश्वस्नीय सूत्रों के अनुसार ईराक़ी पार्लियामेंट के स्पीकर उसामा अल नजीफ़ी नें अपने एक बयान में बग़दाद, दयाला और अन्य क्षेत्रों में होने वाले बम धमाकों औऱ अल अम्बार यूनिवर्सिटी पर हमले की आलोचना करते हुए कहा है कि आतंकवादियों नें सफल संसदीय चुनाव के बाद सरकारी अधिकारियों और आज जनता के नरसंहार के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को चकना चूर करके ईराक़ के समाजी व्यवस्था को तबाह करना चाहते हैं।
ईराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री और नेशनल एलांइस के प्रमुख इब्राहीम जाफ़री नें भी अपने बयान में आतंकवाद की इस नई लहर की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सभी उन हथियारबंद गिरोहों को सख़्ती से कुचलने की मांग की है जो देश में अस्तिरता फैला रहे हैं।
ईराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मालिकी नें भी अपने बयान में आतंकवादियों के ख़िलाफ़ फ़ौजी आप्रेशन जारी रखने पर ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार और फ़ौज जनता के सहयोग से, बिना किसी डर के हथियारबंद संगठनों को समाप्त करने में लगी हुई है।
10 जून 2014 - 19:26
समाचार कोड: 615076
ईराक़ में आतंकवाद की घटनाओं में तेज़ी, संसदीय चुनाव से डरी हुईं ताक़तों की बौखलाहट का परिणाम है।