28 मई 2014 - 12:58
अरब देशों के निकट कुर्सी से बढ़ कर कुछ नहीं

अरब देशों के निकट कुर्सी से बढ़ कर कुछ नहीं, चाहे उसके लिये कितना ही घिनौना काम क्यूं न करना पड़े।