ईरान की सशस्त्र सेना के वरिष्ठ कमांडर ने कहा है कि प्रतिरोध अमेरिका के मुकाबले में सफलता का रहस्य है। ब्रिगेडियर जनरल मसऊद जज़ाएरी ने वियना में ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य तीन दिनों तक होने वाली वार्ता की ओर संकेत किया और कहा कि अमेरिका को इस बात का ज्ञान है कि सैनिक और प्रतिरक्षा उपकरण ईरान की रेड लाइन हैं फिर भी वह ईरान की वार्ताकार टीम पर दबाव डाल कर परमाणु विषय में विशिष्टताएं लेने के प्रयास में है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने परमाणु मुद्दे और ईरान पर प्रतिबंधों के संबंध में स्ट्रैटेजिक ग़लती की है और वह यह सोचता है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान को अपने व्यवहार को बदलने पर बाध्य कर देगा। साथ ही उन्होंने बल देकर कहा कि अमेरका और दूसरे देशों को ईरान की रेड लाइन पार करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान की इस्लामी व्यवस्था एक शक्तिशाली व्यवस्था है और वह चुनौतियों का मुकाबला करने के मार्गों को भलिभांति जानती है। ब्रिगेडियर जनरल मसऊद जज़ाएरी ने कहा कि आज विश्व की कुछ घटनाएं इस बात की सूचक हैं कि दुनिया में साम्राज्यवादी शक्तियों का पतन आरंभ हो चुका है।
19 मई 2014 - 17:07
समाचार कोड: 609819
ब्रिगेडियर जनरल मसऊद जज़ाएरी ने वियना में ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य तीन दिनों तक होने वाली वार्ता की ओर संकेत किया और कहा कि अमेरिका को इस बात का ज्ञान है कि सैनिक और प्रतिरक्षा उपकरण ईरान की रेड लाइन हैं फिर भी वह ईरान की वार्ताकार टीम पर दबाव डाल कर परमाणु विषय में विशिष्टताएं लेने के प्रयास में है।