16 मई 2014 - 16:34
अर्जंटाइना कोर्ट के फ़ैसले की ईरान द्वारा आलोचना।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने अर्जंटाइना के एक न्यायालय द्वारा आमिया केस के संबंध में दोनों देशों के बीच होने वाली सहमति को रद्द किए जाने की आलोचना की है।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने अर्जंटाइना के एक न्यायालय द्वारा आमिया केस के संबंध में दोनों देशों के बीच होने वाली सहमति को रद्द किए जाने की आलोचना की है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मर्ज़िया अफ़ख़म ने शुक्रवार को अर्जंटाइना के उक्त न्यायालय के इस क़दम पर खेद व अप्रसन्नता जताते हुए कहा कि इस सहमति पत्र ने आमिया घटना की वास्तविकता को सामने लाने और आपसी समस्याओं के समाधान के लिए एक उचित अवसर उपलब्ध कराया था। उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार ने आमिया घटना में अपने नागरिकों के विरुद्ध किए जाने वाले दावों के निराधार होने पर पूरे विश्वास के साथ 27 जनवरी 2013 को अर्जंटाइना सरकार के साथ इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और कई चरण की वार्ता में तेहरान सदैव ही इस सहमति पत्र के क्रियान्वयन में अपने रुचि की घोषणा की थी।
ज्ञात रहे कि ज़ायोनी लाबी द्वारा ईरान के साथ इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के विरुद्ध याचिका दायर किए जाने के बाद अर्जंटाइना के एक न्यायालय ने इस सहमति पत्र को रद्द कर दिया है। इस समहति पत्र में ईरान व अर्जंटाइना ने आमिया घटना की जांच के लिए एक तथ्यपरक आयोग गठित करने पर सहमति जताई थी। वर्ष 1994 में ब्योनेस आयर्ज़ के आमिया यहूदी केंद्र में होने वाले एक बम विस्फोट में 85 व्यक्ति हताहत और 300 घायल हो गए थे।

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