8 मई 2014 - 16:17

सऊदी अरब की नज़रबंद शहज़ादियों नें अपने हवाले से मानवाधिकार संगठनों से मदद की गुहार लगाई है। सऊदी अरब की शहज़ादियां देश में महिलाओं के अधिकारों की मांग और सऊदी अरब में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने की वजह से अपने घरों में नज़रबंद हैं।

सऊदी अरब की नज़रबंद शहज़ादियों नें अपने हवाले से मानवाधिकार संगठनों से मदद की गुहार लगाई है। सऊदी अरब की शहज़ादियां देश में महिलाओं के अधिकारों की मांग और सऊदी अरब में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने की वजह से अपने घरों में नज़रबंद हैं। इन सहज़ादियों नें रशियन टुडे के साथ दिये गए इंटरव्यूव में कहा है कि सऊदी अरब में मानवीय अधिकारों की स्थिति पर विचार करने के लिये मानवीय अधिकारों के अन्तर्राष्ट्रीय संघटनों का हस्तक्षेप ज़रूरी है। सऊदी अरब की इन शहज़ादियों नें इसी तरह अपनी आज़ादी के लिये मानवाधिकार संगठनों से कोशिशें करने की अपील की है। स्पष्ट रहे कि सऊदी अरब की यह दो शहज़ादियां सहर और जवाहर, देश में जनता के इन्क़ेलाब के समर्थन के आरोप में 13 साल सलतनती महल में नज़र बंदी की सज़ा काट रही हैं। इन दोनों शहज़ादियों नें समाजी वेबसाइट में अपने वीडियो फ़ाइल में जनता से मांग की कि वह इन्क़ेलाब के सिलसिले में अपनी कोशिशें जारी रखें।