26 अप्रैल 2014 - 11:41
अमरीका पर भरोसा करना बुद्धिमानी नहीं

अहमद ख़ातेमी ने जेनेवा में ईरान और ग्रुप 5+1 के बीच हुई सहमति के बारे में कहा कि दुश्मनों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इस सहमति के बाद, ईरान पर तीन नये प्रतिबंध लगे और अमरीकी अधिकारियों ने पंद्रह बार ईरान पर फ़ौजी हमले की धमकी दी

तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा कि अमरीका ने इस्लामी इंक़ेलाब की सफलता के बाद से हमेशा ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अपनी दुश्मनी जारी रखी है।
आज तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी की इमामत में अदा की गयी। उन्होंने नमाज़े जुमा के अपने ख़ुत्बे में ईरान के पूर्वोत्तर में तबस रेगिस्तान में अमरीका के नाकाम फ़ौजी हमले की सालगिरह की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन सारी दुश्मनियों के बावजूद, तबस मरुस्थल में अमरीका के फ़ौजी हमले सहित ईरान के विरुद्ध अमरीका के सारे षड्यंत्र, जनता के ज़बरदस्त समर्थन और अल्लाह की कृपा के कारण हमेशा नाकाम रहे हैं।
आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने इसी प्रकार इस्लामी रिपब्लिक ईरान के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के उस कथन की ओर इशारा करते हुए कि अमरीका, बड़ा शैतान है, कहा कि इस्लामी इंक़ेलाब की सफलता से लेकर आज तक जनता और अधिकारियों की होशियारी से ईरान के विरुद्ध अमरीका के समस्त षड्यंत्र विफल रहे हैं।
नमाज़े जुमा के इमाम ने अफ़ग़ानिस्तान, इराक़ और यूक्रेन में अमरीका के हस्तक्षेप की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमरीका इन देशों से हज़ारों किलोमीटर दूर है फिर भी वह दुनिया के विभिन्न देशों में हस्तक्षेप जारी रखे हुए है। श्री अहमद ख़ातेमी ने जेनेवा में ईरान और ग्रुप 5+1 के बीच हुई सहमति के बारे में कहा कि दुश्मनों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इस सहमति के बाद, ईरान पर तीन नये प्रतिबंध लगे और अमरीकी अधिकारियों ने पंद्रह बार ईरान पर फ़ौजी हमले की धमकी दी।

टैग्स