संयुक्त राष्ट्र नें मध्य अफ़्रीक़ा में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नरसंहार के ख़तरे के हवाले से चेतावनी दी है। मध्य अफ़्रीक़ा में मौजूद अफ़्रीक़ी और फ़्राँसीसी फ़ोर्सेज़ न केवल मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा रुकवाने में सफल नहीं हो सकी हैं, बल्कि कुछ अवसरों पर इन फ़ोर्सेज़ पर मुसलमानों के नरसंहार का आरोप भी लगाया जाता रहा है। वह मुसलमान जो मध्य अफ़्रीक़ा से दूसरी जगह स्थांतरित नहीं हो पाए हैं वह प्रतिदिन चरमपंथी ईसाइयों के हमलों का शिकार रहते हैं। शरणार्थियों के मामलों में संयुक्त राष्ट्र के हाई कमिश्नर नें पिछले दिनों ही ऐलान किया है कि ज़्यादातर मुसलमान मध्य अफ़्रीक़ा के पश्चिमी इलाक़ों से निकाले गए हैं, जबकि यह ऐसी स्थिति में है कि मध्य अफ़्रीक़ा के हज़ारों मुसलमानों को इन इलाक़ों में जान माल का बहुत ख़तरा है। स्पष्ट रहे कि मध्य अफ़्रीक़ा में चरमपंथी ईसाइयों के इस देश के मुसलमानों के ख़िलाफ़ होने वाले हमलों में हज़ारों मुसलमान मारे जा चुके हैं जबकि हज़ारों मुसलमान अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
10 मार्च 2014 - 20:30
समाचार कोड: 513058
मध्य अफ़्रीक़ा में मौजूद अफ़्रीक़ी और फ़्राँसीसी फ़ोर्सेज़ न केवल मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा रुकवाने में सफल नहीं हो सकी हैं, बल्कि कुछ अवसरों पर इन फ़ोर्सेज़ पर मुसलमानों के नरसंहार का आरोप भी लगाया जाता रहा है