ईरान के स्पीकर डाक्टर अली लारीजानी नें कहा है कि ऐसा नहीं लगता है कि ज़ायोनी सरकार हिज़बुल्लाह के ख़िलाफ़ लड़ाई करने का अब कोई प्रयोग करके अपनी पिछली ग़लती दोहराएगी और लेबनान के ख़िलाफ़ कोई नया मोर्चा खोलेगी। उन्होंने अलमियादीन टीवी से बातचीत में हिज़बुल्लाह की रक्षा ताक़तों और क्षमताओं का ज़िक्र करते हुए ज़ोर देकर कहा कि ज़ायोनी सरकार का असली उद्देश्य, क्षेत्र की शांति और स्थिरता को नुक़सान पहुँचाना है इसलिये इस्लामी देशों का फ़र्ज़ है कि वह इलाक़े में शांति व स्थिरता की बहाली को कोशिश करें. डाक्टर लारीजानी नें ईरान और सऊदी अरब के सम्बंधों के हवाले से कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ मामले ऐसे ज़रूर हैं जिनके बारे में मतभेद पाया जाता है लेकिन इन मामलों के आधार पर आपसी मनमुटाव नहीं होना चाहिये। उन्होंने कहा कि ईराक़ पर अमरीकी क़ब्ज़े के बाद ईरान नें ईराक़ में भड़की हुई मज़हबी आग को बुझाने के लिये बहुत कोशिशें की हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान का विचार है कि बहरैन हो या सीरिया, इन देशों में विदेशी हस्तक्षेप बिल्कुल ग़लत है। दोनों ही देशों को बिना किसी विदेशी जबाव के अपनी समस्याओं का हल स्वयं ढूँढ़ना चाहिये।
9 मार्च 2014 - 20:30
समाचार कोड: 512787