मिस्र की अल अज़हर यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर शेख़ ताजुद्दीन अल हलाली नें कहा है कि तकफ़ीरी लोग पूरी इस्लामी दुनिया के लिये एक बहुत बड़ा ख़तरा हैं। इसलिये मुसलमानों में आपसी एकता को बढ़ावा देना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने ईरान के पवित्र शहर क़ुम में एक बयान में तकफ़ीरी तत्वों को वायरस और बैक्टीरिया की तरह बताया, जो दवाओं के मुक़ाबलों में भी टिके रहते हैं। उन्होंने ईरान व सऊदी ओलमा के बीच बातचीत का रास्ता निकाले जाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि अगर दीनदीर बनना है तो प्रतिरोध का रास्ता चुनना होगा और ऐसे शासकों के पीछे चलने के बचना होगा जो अमरीका और पश्चिम की ग़ुलामी कर रहे हैं और यह कि तकफ़ीरियों के मुक़ाबले के लिये इस्लामी दुनिया में आपसी एकता में बढ़ावा देना बहुत ज़रूरी है। अल अज़हर यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर शेख़ ताजुद्दीन अल हलाली नें अपने ईरान दौरे में क़ुम शहर के विभिन्न मराजए और ओलमा से मुलाक़ात भी की।
9 मार्च 2014 - 20:30
समाचार कोड: 512781
मिस्र की अल अज़हर यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर शेख़ ताजुद्दीन अल हलाली नें कहा है कि तकफ़ीरी लोग पूरी इस्लामी दुनिया के लिये एक बहुत बड़ा ख़तरा हैं