क़तर को अलग थलग करने के लिये सऊदी अरब, बहरैन और अमारात नें अपने राजदूत वापस बुला लिये हैं और क़तर अब अपनी तनहाई को दूर करने के लिये ईरान से क़रीब होने की कोशिश कर रहा है।लंदन से प्रकाशित अख़बार अल अरब के अनुसार क़तर के शासक शेख़ तमीम बिन हम्द आले सानी नें पिछले दिनों तुर्की और सूडान के साथ भी सम्बंध स्थापित करके दोपक्षीय सम्बंधों पर विचार विमर्श किया है। अख़बार के अनुसार ईरान और क़तर दोनों के बीच कुछ मामले संयुक्त हैं जिनमें मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड और यमन में होसियां का समर्थन शामिल है। क़तर के ख़िलाफ़ सऊदी अरब नें सख़्त क़दम उठाने का भी ऐलान किया है जिसमें फ़ार्स की खाड़ी की सहयोग परिषद से क़तर की सदस्यता को समाप्त करना भी शामिल है क्योंकि क़तर मिस्र के इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड का समर्थन करता है जबकि सऊदी अरब उसे आतंकवादी संगठन कहता है।
8 मार्च 2014 - 20:30
समाचार कोड: 512487
क़तर को अलग थलग करने के लिये सऊदी अरब, बहरैन और अमारात नें अपने राजदूत वापस बुला लिये हैं और क़तर अब अपनी तनहाई को दूर करने के लिये ईरान से क़रीब होने की कोशिश कर रहा है।