सऊदी अरब, बहरैन और संयुक्त अरब अमीरात नें मिस्र में क़तर के हस्तक्षेप पर विरोध करते हुए अपने राजदूतों को क़तर से वापस बुला लिया है जिसके बाद फ़ार्स की खाड़ी के अरब राष्ट्रं के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। क़तर, मिस्र के इस्लामी संगठन, मुस्लिम ब्रदरहुड और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी का समर्थन कर रहा है जबकि सऊदी अरब, बहरैन और संयुक्त अरब अमीरात मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकी संगठन बताते हैं और सऊदी अऱब नें मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। सऊदी अरब लगातार क़तर को अलग थलग करने की कोशिश कर रहा है।
6 मार्च 2014 - 20:30
समाचार कोड: 511901
सऊदी अरब, बहरैन और संयुक्त अरब अमीरात नें मिस्र में क़तर के हस्तक्षेप पर विरोध करते हुए अपने राजदूतों को क़तर से वापस बुला लिया है जिसके बाद फ़ार्स की खाड़ी के अरब राष्ट्रं के बीच मतभेद बढ़ गए हैं।