कर्ज़कान के इलाक़े में स्थित महत्वपूर्ण शिया जामा मस्जिद अल असकरीऐन को गिराये जाने सम्बंधित सरकार के आदेश की ख़बर प्रकाशित होने के बाद लोगों नें मस्जिद के अन्दर और बाहर धरना दिया है और इस मस्जिद को गिराये जाने का कड़ा विरोध किया है। जब से बहरैन की जनता नें इन्क़ेलाबी आंदोलन शुरू किया है तब से इस देश की मज़हबी इमारतें, विशेष कर मस्जिदें और इमाम बारगाहें आले ख़लीफ़ा सरकार के हमलों का लगातार निशाना बन रही हैं। पिछले तीन साल में 30 से ज़्यादा मस्जिदें और इमाम बारगाहें आले ख़लीफ़ा सरकार के हमलों का निशाना बन चुकी हैं।पिछले कुछ महीनों में बहरैनी जनता नें मस्जिदों को दोबारा बनवाने के अलावा गिराई गई मस्जिदों की जगहों पर नमाज़ पढ़ना शुरू किया है जबकि बहरैनी सरकार न केवल मस्जिदों को दोबारा बनाने की परमीशन नहीं देती है बल्कि मस्जिद की जगहों को सुपर मार्केट और पार्कों में बदल रही है।
2 मार्च 2014 - 20:30
समाचार कोड: 510826
कर्ज़कान के इलाक़े में स्थित महत्वपूर्ण शिया जामा मस्जिद अल असकरीऐन को गिराये जाने सम्बंधित सरकार के आदेश की ख़बर प्रकाशित होने के बाद लोगों नें मस्जिद के अन्दर और बाहर धरना दिया है और इस मस्जिद को गिराये जाने का कड़ा विरोध किया