22 फ़रवरी 2014 - 20:30
पैग़म्बर स. का जन्म स्थान, ख़तरे में।

सऊदी अरब के वहाबियों नें मक्का व मदीना में ज़्यादातर इस्लामी चिन्हों को समाप्त कर दिया है। पुरातत्व विभाग के एक सऊदी जानकार नें चेतावनी दी है कि मक्के में निर्माण की वजह से पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा स. का जन्म स्थान तबाह होने वाला है।

सऊदी अरब के वहाबियों नें मक्का व मदीना में ज़्यादातर इस्लामी चिन्हों को समाप्त कर दिया है। पुरातत्व विभाग के एक सऊदी जानकार नें चेतावनी दी है कि मक्के में निर्माण की वजह से पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा स. का जन्म स्थान तबाह होने वाला है। पुरातत्व के इस जानकार डाक्टर इरफ़ान अल अलवी का कहना है कि मक्के में नवनिर्माण के अरबों डालर के नए प्रोजेक्टस् के मद्दे नज़र सम्भव है कि पैग़म्बरे इस्लाम के जन्म स्थान पर नई बिल्डिंग बना दी जाए। पैग़म्बरे इस्लाम का जन्म स्थान मज्दुल हराम के पास स्थित है और इस समय भी उस पर एक लाइब्रेरी है। यह लाइब्रेरी दो साल पहले बंद कर दी गई थी। डाक्टर अलावी के अनुसार अब इस बिल्डिंग को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है। ब्रिटेन के अख़बार इंडीपेंडेंट नें भी पिछले दिनों ही इस बारे में अपनी ख़बर में कहा था कि इस निर्माण कार्य की इंचार्ज सऊदी कम्पनी बिन लादेन ग्रुप नें सुझाव दिया है कि ऊँचाई पर स्थित लाइब्रेरी और उसके नीचे स्थित बिल्डिंग को तोड़कर इमाम काबा का घर और पास में स्थित शाही महल के लिये रास्ता निकाल दिया जाए। स्पष्ट रहे कि सऊदी अरब के अधिकारी इस बात को मना करते रहे हैं कि वह जगह पैग़म्बर स. का जन्म स्थान है और उन्होंने ऐसे बोर्ड भी लगा रखे हैं जिनमें तीर्थ यात्रियों को पैग़म्बर स. के जन्म स्थान पर जाने से रोका गया है।