22 फ़रवरी 2014 - 20:30
बहरैन में आले ख़लीफ़ा के हाथों मस्जिद का अपमान।

आले ख़लीफ़ा के नौकरों नें आज मस्जिदुल बरीग़ी के खण्डहर पर नमाज़ पढ़ने वाले पाँच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। बहरैन की यह मस्जिद 400 साल पुरानी है जिसे आले ख़लीफ़ा नें इसे शहीद कर दिया है।

आले ख़लीफ़ा के नौकरों नें आज मस्जिदुल बरीग़ी के खण्डहर पर नमाज़ पढ़ने वाले पाँच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। बहरैन की यह मस्जिद 400 साल पुरानी है जिसे आले ख़लीफ़ा नें इसे शहीद कर दिया है। आले ख़लीफ़ा शहीद की हुई मस्जिदों के खण्डहरों पर भी लोगों को नमाज़ अदा करने की परमीशन नही दे रही है। आले ख़लीफ़ा नें शिया मुसलमानों की दसों मस्जिदों और इमामबाड़ों को नष्ट कर दिया है। उधर बहरैन के एक इन्क़ेलाबी लीडर जाफ़र अलवी नें बहरैन के हालात को अनदेखा करने पर अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय की आलोचना की है। उन्होंने बहरैनी राष्ट्र और राजनीतिक और धार्मिक लीडरों के धरने की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि बहरैनी जनता शांतिपूर्ण ढंग से परवर्तन चाहती है।