14 फ़रवरी बहरैन की क्रांति की तीसरी सालगिरह के अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किये गए और रैलियां नकाली गईं। रैलियों में भाग लेने वाले लोगों नें अल्लाहो अकबर और आले ख़लीफ़ा मुर्दाबाद के नारे लगए जबकि आले ख़लीफ़ा के नौकरों नें अल्लाहो अकबर की सदाओं का जवाब गोलियों से दिया।ख़बरों के अनुसार सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ नें विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले दाग़े और लोगों के घरों पर भी फ़ायरिंग की।फ़ोर्स के इस हिंसक रवय्ये से दसियों लोग घायल हो गए जबकि घायलों में एक नौजवान की हालत गंभीर बनी हुई है जिसके सीने और पेट में गोलियां लगी थीं।रिपोर्ट के अनुसार आले ख़लीफ़ा के इस नौजवान की हालत बहुत ही चिंताजनक बनी हुई है और डाक्टरों का कहना है कि उसका बच पाना बहुत मुश्किल है और वह कभी भी शहीद हो सकता है।प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है कि सिक्योरिटी फ़ोर्स नें इस नौजवान को जानबूझ कर बिल्कुल पास से गोलियां मारी हैं जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
15 फ़रवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 506542
14 फ़रवरी बहरैन की क्रांति की तीसरी सालगिरह के अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किये गए और रैलियां नकाली गईं