मध्य अफ़रीक़ा की राजधानी में प्रतिदिन दसियों लाशें सड़कों पर दिखाई देती हैं जिनमें से अधिकतर का सम्बंध मुसलमानों से होता है जो ईसाई चरमपंथियों के हाथों क़त्ल होते हैं।कल एंटी ब्लाका टोले के हाथों 10 मुसलमानों का नरसंहार हुआ है। इस देश की फ़ौज जनता को इस साम्प्रदायिक घटनाओं से निकालने के लिये कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। मुसलमानों के ग़ैर सरकारी संगठन इन अत्याचारों को देखने पर मजबूर हैं। ऐमनेसटी इंटरनेशनल का कहना है कि अन्तर्राष्ट्रीय फ़ौजें अफ़रीक़ा की इन दर्दनाक घटनाओं का तमाशा देख रही हैं और मुसलमानों को चरमपंथी ईसाईयों से बचाने के लिये कोई क़दम नहीं उठा रही हैं इसका मतलब यह है कि वह इन चरमपंथियों का सहयोग कर रही हैं।संयुक्त राष्ट्र के जनरल सिक्रेट्री बान की मून नें इन दर्दनाक घटनाओं के ख़िलाफ़ अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में साम्प्रदायिक नरसंहार बहुत ही चिंतनीय विषय है। उन्होंने दोनों पक्षों से इन घटनाओं को रोकने के लिये ज़ोर दिया।
12 फ़रवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 505741
मध्य अफ़रीक़ा की राजधानी में प्रतिदिन दसियों लाशें सड़कों पर दिखाई देती हैं जिनमें से अधिकतर का सम्बंध मुसलमानों से होता है जो ईसाई चरमपंथियों के हाथों क़त्ल होते हैं।