10 फ़रवरी 2014 - 20:30
आले सऊद ईरान के बढ़ते प्रभाव व प्रगति से डरा हुआ है

अमरीका के एक विश्लेषक फ़्नाएन किंगहाम नें ज़ोर देते हुए कहा है कि ऐसे बहुत से कारण हैं जिससे सऊदी सरकार ईरान से डरा हुई है और ईरान से नफ़रत करती है क्योंकि ईरान पूरे क्षेत्र में ईरान का प्रभाव दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

प्रेस टीवी को लिखे अपने एक आर्टिकल में अमरीका के एक विश्लेषक फ़्नाएन किंगहाम नें ज़ोर देते हुए कहा है कि ऐसे बहुत से कारण हैं जिससे सऊदी सरकार ईरान से डरा हुई है और ईरान से नफ़रत करती है क्योंकि ईरान पूरे क्षेत्र में ईरान का प्रभाव दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।उनके अनुसार 1979 के इस्लामी इन्क़ेलाब के बाद ईरान के ख़िलाफ़ सऊदी नफ़रत में बढ़ोत्तरी हुई है क्योंकि ईरान का इस्लामी इन्क़ेलाब क्षेत्र की सभी शाही सरकारों के लिये ख़तरा है। उनका कहना था कि रियाद ईरान के लोकतंत्र को अपने अस्तित्व के लिये सबसे बड़ा ख़तरा मानता है। उन्होंने अपने आर्टिकल में आगे लिखा कि ईरान के बढ़ते प्रबाव व प्रगति से अपने को बचाने के लिये सऊदी अरब की चिंताओं में बढ़ौत्तरी हो गई है।सऊदी अरब का समर्थन पा रहे आतंकवादियों के सीरिया में शिया और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि रियाद, ईरान से डरा हुआ है और उससे नफ़रत करता है और यह इस बात से स्प,ट है कि सीरिया और ईरान के विभिन्न समर्थकों के ख़िलाफ़ रियाद नें ख़ुफ़िया लड़ाई छेड़ दी है।