10 फ़रवरी 2014 - 20:30
एक बहरैनी नागरिक तीस साल से शिकंजे में।

बहरैन में आले ख़लीफ़ा सरकार के पदाधिकारी देश के एक नागरिक को धार्मिक कामों में भाग लेने की वजह से पिछले तीस सालों से अपने शिकंजे में रखे हुए है.....

बहरैन में आले ख़लीफ़ा सरकार के पदाधिकारी देश के एक नागरिक को धार्मिक कामों में भाग लेने की वजह से पिछले तीस सालों से अपने शिकंजे में रखे हुए है। लेबनान की अल अहद न्यूज़ क रिपोर्ट के अनुसार बहरैन का एक शिया इन्क़ेलाबी नागरिक अहमद अल मक़ाबी, कि जिनको आले ख़लीफ़ा की शाही सरकार के नौकरों नें मार्च 2011 में आठवीं बार गिरफ़्तार किया और उसे कड़ी सज़ाएं दीं और जेल में शिकंजे में रखा गया है। इस बहरैनी इन्क़ेलाबी नागरिक नें मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार अहमद अलमक़ाबी आले ख़लीफ़ा की शाही सरकार के नौकरों की तरफ़ से गिरफ़्तार किये जाने के बाद लगातार कड़ी सज़ाएं झेल रहा है और आले ख़लीफ़ा के लोग जेल में भी करंट लगाकर सज़ाएं दे रहे है। करंट लगने से इस बहरैनी नागरिक के जिस्म पर बहुत से निशान पड़ गए हैं।