तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा है कि इस्लामी क्रान्ति की सफलता की वर्षगांठ पर 11 फ़रवरी के जुलूसों में जनता की वैभवशाली भागीदारी इस्लामी गणतंत्र ईरान के शत्रुओं की निराशा का कारण बनेगी।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के ख़ुतबे देते हुए आयतुल्लाह मोहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने इस्लामी क्रान्ति की सफलता की वर्षगांठ और इमाम ख़ुमैनी श्रद्धांजलि पेश करते हुए कहा कि 11 फ़रवरी के जुलूस जितने वैभवशाली होंगी शत्रु उतना ही निराशा होंगे। आयतुल्लाह मोहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने इस्लामी क्रान्ति के बाद ईरान की जनता के विरुद्ध अमरीका की अनगिनत आपराधिक कार्यवाहियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीकियों ने अब भी आर्थिक दबाव और ईरान विरोधी नीतियां बंद नहीं की हैं तथा निराधार दावे करके और झूठे आरोपों से ईरानी राष्ट्र की प्रगति को रोकने के प्रयास में हैं। तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने ईरान को अमरीका से मिलने वाली धमकियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान इन धमकियों से डरना तो बहुत दूर, इन धमकियों को गंभीरता से लेना भी आवश्यक नहीं समझता। उन्होंने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में ईरान की क्षमताओं से अमरीका तथा अन्य पश्चिमी शक्तियां पूर्ण रूप से अवगत हैं क्योंकि जब आठ वर्षीय युद्ध के दौरान ईरानी जनता की इन क्षमताओं ने सद्दाम शासन को घुटने टेकने पर विवश कर दिया तो पूरे विश्व को सच्चाई का पता चल गया।
आयतुल्लाह मोहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने अमरीका के विदेश मंत्री जान कैरी और विदेश उपमंत्री विंडी शेरमन के ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित बयानों के बारे में कहा कि यह सारी बहानेबाज़ी ईरान की अर्थ व्यवस्था पर दबाव डालने उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता देश के अधिकारियों से यह अपेक्षा रखती है कि अमरीकी अधिकारियों के उल्टे सीधे बयानों का ठोस जवाब दें।
आयतुल्लाह मोहम्मद अली मोवह्हेदी किरमानी ने फ़िलिस्तीनी जनता के विरुद्ध इस्राईल के अपराधों और अतिग्रणकारी कार्यवाहियों का भरपूर समर्थन किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि ज़ायोनी शासन को प्राप्त साम्राज्यवादी शक्तियों से समर्थन से फ़िलिस्तीन की रक्षा करने वाले प्रतिरोध आंदोलन के इरादों में कोई कमज़ोरी उत्पन्न नहीं होगी।