बहरैन की अल-विफ़ाक़ इस्लामिक पार्टी नें एक बयान में कहा है कि बहरैन में महिलाओं की गिरफ़्तारियों से सम्बंधित आले ख़लीफ़ा का क़दम, उन बहरैनी नागरिकों से बदला लेने की तरह है जो अपने देश में आज़ादी की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ़ जमीअतुल वफ़ाक़े मिल्ली के उप सिक्रेट्री जनरल शेख़ हुसैन अलदीही नें बहरैन की आले ख़लीफ़ा सरकार से मांग की है कि वह महिलाओं समेत सक्रिय बहरैनी नागरिकों, मुख्य रूप से राजनीतिक लोगों की गिरफ़्तारियां बंद करे और जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उन्हें फ़ौरन रिहा कर दे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कि बहरैन में आज़ादी और राजनीतिक सुधारों के लिये बहरैनी जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और मांगे जारी रहेंगी।
25 जनवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 500388
बहरैन की अल-विफ़ाक़ इस्लामिक पार्टी नें एक बयान में कहा है कि बहरैन में महिलाओं की गिरफ़्तारियों से सम्बंधित आले ख़लीफ़ा का क़दम, उन बहरैनी नागरिकों से बदला लेने की तरह है जो अपने देश में आज़ादी की मांग कर रहे हैं।