मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी के जन्म स्थली के हज़ारों लोगों ने नए संविधान पर जनमत संग्रह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए।इख़्वान आनलाइन के अनुसार मोहम्मद मुरसी की जन्मस्थली अलउदवा गावं के हज़ारों निवासियों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर कल इस गांव के निवासियों पर सैन्य विद्रोह द्वारा सत्ता में आयी सरकार के सुरक्षा बलों के हमलों की निंदा की।ज्ञात रहे कल अलउद्वा गांव के निवासियों ने मिस्र के नए संविधान से अपने विरोध की घोषणा के लिए मानव ज़न्जीर बनायी थी जिसे तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने उन पर आंसू गैस के गोले फ़ायर किए थे।दूसरी ओर मिस्र के क़ानूनी राष्ट्रपति के समर्थन में गठित राष्ट्रीय गठबंधन के सदस्य और अलवसत पार्टी के उपाध्यक्ष हातिम एज़ाम ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2007 में मिस्र के संविधान में हुए सुधार और वर्ष 2010 को इस देश के संसदीय चुनाव में धांधली का न केवल यह कि हुस्नी मुबारक को कोई फ़ायदा नहीं पहुंचा बल्कि इसके परिणाम में हुस्नी मुबारक को सत्ता से हटना पड़ा। एज़ाम ने मिस्र के संविधान पर जनमत संग्रह के अवैध होने पर बल देते हुए कहा कि मिस्र के रक्षा मंत्री अब्दुल फ़त्ताह अस्सीसी को 2013 के संविधान और इस संविधान पर जनमत संग्रह में धांधली से कोई लाभ नहीं पहुंचेगा।
13 जनवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 496953
मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी के जन्म स्थली के हज़ारों लोगों ने नए संविधान पर जनमत संग्रह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए।