4 जनवरी 2014 - 20:30
बहरैन में मानवीय अधिकारों का उल्लंघन जारी

बहरैन में विभिन्न इन्क़ेलाबी संगठनों नें विफ़ाके मिल्ली इस्लामिक पार्टी के जनरल सिक्रेट्री शेख़ अली सुलैमान के विदेश जाने पर पाबंदी की आलोचना की है।

बहरैन में विभिन्न इन्क़ेलाबी संगठनों नें विफ़ाके मिल्ली इस्लामिक पार्टी के जनरल सिक्रेट्री शेख़ अली सुलैमान के विदेश जाने पर पाबंदी की आलोचना की है। बहरैनी मीडिया के अनुसार बहरैनी राष्ट्र आले ख़लीफ़ा के इस क़दम को मानवीय और राजनीतिक अधिकारों के विरुद्ध बता रही है। बहरैन के मानवाधिकार संगठन नें आले ख़लीफ़ा की तरफ़ से शेख़ अली सलमान को ए सी एल में शामिल करने की आलोचना करते हुए कहा है कि आले ख़लीफ़ा इस तरह से राजनीतिक लीडरों को सीमित करने की कोशिश कर रही है।

उधर बहरैन की जनता की तरफ़ से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। बहरैन की जनता नें शनिवार की रात को विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर के अपनी मांगों पर ज़ोर दिया। बहरैनी जनता नें आले ख़लीफ़ा के हाथों मस्जिदों के अपमान और उनको नष्ट किये जाने की आलोचना की। कई स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कारियों पर आले ख़लीफ़ा के नौकरों नें हमले भी किये। उल्लेखनीय है कि बहरैन की जनता आले ख़लीफ़ा की अत्याचारी पालिसियों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रही है।