बहरैन के राजनीतिक लीडरों नें आले ख़लीफ़ा की तरफ़ से जनता के विरोध प्रदर्शनों में असामान्य आँसू गैस के इस्तेमाल की कड़े शब्दों में निंदा की है।मानवाधिकारों का बचाव करने वाले संगठनों और राजनीतिक लीडरों नें अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से दक्षिण कोरिया की उस कम्पनी के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर करने की अपील की है जिसनें आले ख़लीफ़ा सरकार को एक मिलियन साठ हज़ार आँसू गैस के गोले बेचे हैं।मानवाधिकारों के रक्षक और शोधकर्ता बिला मरज़ाक नें कहा है कि बहरैन की सरकार सिर्फ़ उस स्थिति में राजनीतिक लीडरों को आज़ाद कर सकती है और बहरैनी नागरिकों के अधिकार वापस कर सकती है जब उसके समर्थक ब्रिटेन और अमरीका की तरफ़ से उस पर दबाव पड़े।उन्हें आगे कहा कि बहरैनी सरकार असामान्य तरीक़े से जनता के प्रदर्शनों पर आँसू गैस का इस्तेमाल करती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि छपने वाले फ़ोटो और वीडियों किलिपों से यह पता चलता है कि बहरैन की सरकार प्रतिदिन 9 बार से ज़्यादा एक गाँव पर आँसू गैस की बौछार करती है। आले ख़लीफ़ा सिर्फ़ इस वजह से जनता पर अत्याचार करती है क्योंकि वह राजनीतिक क़ैदियों का समर्थन करते हैं।
1 दिसंबर 2013 - 20:30
समाचार कोड: 485454
बहरैन के राजनीतिक लीडरों नें आले ख़लीफ़ा की तरफ़ से जनता के विरोध प्रदर्शनों में असामान्य आँसू गैस के इस्तेमाल की कड़े शब्दों में निंदा की है।