12 नवंबर 2013 - 20:30
मिस्र में सय्यदुश्शोहदा की अज़ादारी पर वहाबियों की धमकी।

मिस्र के शिया लीडर नें कहा कि मिस्र के शिया मोहर्रम के दिनों में अज़ादारी के दौरान, हुसैन अ. की अज़ादारी करेंगे जबकि इसके ख़िलाफ़ वहाबियों नें कहा है कि वह मिस्र के शियों को अज़ादारी से रोकेंगे। मिस्र की पुलिस के सूत्रों का कहना है कि पुलिस अज़ादारी को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराएगी

मिस्र के शिया लीडर नें कहा कि मिस्र के शिया मोहर्रम के दिनों में अज़ादारी के दौरान, हुसैन अ. की अज़ादारी करेंगे जबकि इसके ख़िलाफ़ वहाबियों नें कहा है कि वह मिस्र के शियों को अज़ादारी से रोकेंगे। मिस्र की पुलिस के सूत्रों का कहना है कि पुलिस अज़ादारी को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराएगी।मिस्र की राजनीतिक पार्टी हिज़बुल तहरीर के प्रमुख डाक्टर अहमद रासेमुन्नफ़ीस नें अख़बारुक नाम की न्यूज़ वेबसाईट से बातचीत करते हुए कहा है कि मिस्र के शिया अज़ादारी के मामलों पर सलफ़ी वहाबियों के हमलों से किसी भी स्थिति में डरते नहीं हैं क्योंकि शिया शहादत का धर्म है और चूँकि शिया धर्म तर्क और बुद्धि के साथ अत्याचारों के ख़िलाफ़ इन्क़ेलाब का धर्म है और अज़ादारी इस कोशिश को प्रकट करने का तरीक़ा है इसलिये जो भी अज़ादारी का दुश्मन है वह ज़ुल्म व अत्याचार के ख़िलाफ़ किये जा रहे इन्क़ेलाब का दुश्मन है।अल नफ़ीस नें कहा कि मोहम्मद मुर्सी के शासन काल में मिस्र के शियों को ज़्यादा ख़तरों और धमकियों का सामना करना पड़ता था और उनके हटने के बाद इन ख़तरों और धमकियों में कमी आई है लेकिन इसके बाद भी इस साल मिस्र के अधिकारियों नें ईदे ग़दीर के दिन क़ाहेरा में मस्जिद रासुल हुसैन को बंद कर दिया और उस पवित्र स्थान पर लोगों को नहीं जाने दिया।डाक्टर नफ़ीस नें इलेक्शन के हवाले से किये गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मिस्र के शियों नें अबी तक इस सम्बंध में कोई फ़ैसला नहीं किया है।