1 नवंबर 2013 - 20:30
तुर्की का, बंदर बिन सुल्तान के एजेण्टों को देश से निकालने का फ़ैसला।

एक अरब सूत्र के अनुसार तुर्की नें सऊदी अरब की इंटेलीजेंस के प्रमुख बंदर बिन सुल्तान के जासूसों को तुर्की से निकालने का निर्णय लिया है। सऊदी जासूसों की सीरिया और विभिन्न देशों में कार्यवाहियां तुर्की के हितों के ख़िलाफ़ हैं

एक अरब सूत्र के अनुसार तुर्की नें सऊदी अरब की इंटेलीजेंस के प्रमुख बंदर बिन सुल्तान के जासूसों को तुर्की से निकालने का निर्णय लिया है। सऊदी जासूसों की सीरिया और विभिन्न देशों में कार्यवाहियां तुर्की के हितों के ख़िलाफ़ हैं।तुर्की नें ईरान और सीरिया के साथ तनाव को कम करने का निर्णय भी लिया है।लेबनान के अलअख़बार समाचार पत्र नें ख़बर दी है कि तुर्की नें सऊदी अरब की इंटेलीजेंस के प्रमुख बंदर बिन सुल्तान के जासूसों को तुर्की से निकालने का निर्णय लिया है। सऊदी अरब के जासूसों की सीरिया और विभिन्न देशों में कार्यवाहियां तुर्की के राष्ट्रीय हितों के ख़िलाफ़ हैं जबकि तुर्की नें ईरान और सीरिया के साथ तनाव को कम करने का भी निर्णय लिया है।अलअख़बार नें अंकारा में एक सूत्र के हवाले से ख़बर दी है कि तुर्की के अधिकारियों नें अपनी ज़मीन पर सऊदी अरब की जासूसी गतिविधियों को रोकने और सीरिया और ईरान के साथ तनाव को कम करने का फ़ैसला किया है। तुर्की के अधिकारियों के अनुसार सऊदी अरब के एजेण्टों की सीरिया और विभिन्न देशों में कार्यवाहियां तुर्की के हितों के ख़िलाफ़ हैं। तुर्की की मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी का समर्थक है जबकि सऊदी अरब नें मोहम्मद मुर्सी की सरकार को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है इसलिये तुर्की और सऊदी अरब के इस्लामी देशों में हित एख जैसे नहीं हैं और सऊदी अरब के जासूस तुर्की की ज़मीन को को सीरिया में बश्शारुल असद की सरकार को गुराने और आतंकवादियों को हथियार पहुँचाने के लिये इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन तुर्की नें अब सऊदी अरब के जासूसों को तुर्की से निकालने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।