अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार ऐमनिस्टी इन्टरनेशनल नें एक बयान में सऊदी अरब में मानवीय अधिकारों की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि आले सऊद के अधिकारियों नें मानवीय अधिकारों की स्थिति को सुधारने के लिये किये गए सभी कार्यों को अस्वीकृत कर दिया हैऔर सऊदी अरब नें मानवीय अधिकारों की चिंताजनक स्थिति को सुधारने के लिये 2009 में जो वादे किये थे उनको भुला दिया है। मध्य पूर्व में ऐमनिस्टी के प्रमुख नें कहा है कि सऊदी अरब में सैंकड़ों गिरफ़्तारियां, अन्यायपूर्ण मुक़दमे और क़ैदियों के साथ बदसलूकी बहुत ही आम बात है और अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय को सऊदी अरब से इस बारे में रिपोर्ट तलब करनी चाहिये कि आले सऊद की सरकार किस आधार पर शांतिपूर्ण कार्यों में लगे हुए लोगों को गिरफ़्तार कर के शारीरिक प्रताड़ना देती है और उन्हें सालों से क़ैद में क्यों रखे हुए है।फ़ैलेप लोथर नें राजनिक और सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल्लाह हाशमी और मोहम्मद क़हतानी की दस और ग्यारह सालों की जेल की सज़ा की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि इन लोगों को फ़ौरन रिहा किया जाना चाहिये क्योंकि इनके काम न तो ऐसे हैं जिनकी प्रसंशा की जाए और न तो ऐसे कि उन्हें सज़ा दी जाए। स्पष्ट रहे कि संयुक्त राष्ट्र नें आज सऊदी अरब में मानवीय अधिकारों की स्थिति का निरीक्षण करने का ऐलान किया है।
22 अक्टूबर 2013 - 20:30
समाचार कोड: 475042
ऐमनिस्टी इन्टरनेशनल नें एक बयान में सऊदी अरब में मानवीय अधिकारों की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि आले सऊद के अधिकारियों नें मानवीय अधिकारों की स्थिति को सुधारने के लिये किये गए सभी कार्यों को अस्वीकृत कर दिया है