अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट क अनुसार मिस्र इस समय अपने इतिहास के सबसे जटिल दौर से गुज़र रहा है।मुस्लिम ब्रदरहुड नें मंगलवार को सिविल अवज्ञा की दावत दी थी और मोहम्मद मुर्सी को हटाये जाने के बाद पहली बात इस संगठन के समर्थकों नें क़ाहेरा के तहरीक स्क्वाएर पर प्रदर्शन किया। तहरीक स्क्वाएर वह जगह है कि जहाँ से मिस्र की जनता नें सत्तावादी प्रणाली के ख़िलाफ़ अपना आंदोलन शुरू किया था। इस वक़्त भी उन्हें उम्मीद है कि मिस्र के वर्तमान शासकों के ख़िलाफ़ आंदोलन की लहर चलेगी लोकिन इसके साथ ही मिस्र की फ़ौज नें ऐलान किया है कि कल क़ाहेरा के पूरब में स्थित इसमाईलिया क्षेत्र में फ़ौजी अधिकारियों और हथियारबंद लोगों के बीच होने वाली झड़प में 4 हमलावर मारे गए हैं।जुलाई के महीने में जब मुर्सी की सरकार को समाप्त किया गया उसके बाद से मिस्र में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों पर हमले का सिलसिला शुरू हुआ है जो थमनें का नाम नहीं ले रहा है। मिस्र में जारी राजनीतिक असमंजस, विरोध प्रदर्शन, हिंसक घटनाएं और अस्थिरता पर निगाह डालने से यह पता चलता है कि इन दिनों सभी राजनीतिक विशेषज्ञ मिस्र में सामने आने वाली घटनाओं यानी क़ानूनों का उल्लंघन और फ़ौज की दोबारा सत्ता में आने को एक अलोकतंत्रिक क़दम बताते हुए इस लोकतंत्र के हिसाब से पीछे की तरफ़ एक क़दम बढ़ाना बता रहे हैं।
8 अक्टूबर 2013 - 20:30
समाचार कोड: 470966
मुस्लिम ब्रदरहुड नें मंगलवार को सिविल अवज्ञा की दावत दी थी और मोहम्मद मुर्सी को हटाये जाने के बाद पहली बात इस संगठन के समर्थकों नें क़ाहेरा के तहरीक स्क्वाएर पर प्रदर्शन किया।