25 सितंबर 2013 - 20:30
क़रज़ावी अल्जाइमर के मरीज़ हैं।

मिस्र के पूर्व मुफ़्ती डाक्टर शेख़ अली जमआ नें जामियातुल अज़हर और मिस्र के बारे में अलक़ऱज़ावी के वर्तमान दृष्टिकोण का जवाब देते हुए कहा कि ख़ुदा तुम्हे शिफ़ा दे, तुम अल्ज़ाइमर की बीमारी में ग्रस्त हो और तुम नहीं जानते कि क्या कह रहे हो।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार मिस्र के पूर्व मुफ़्ती डाक्टर शेख़ अली जमआ नें जामियातुल अज़हर और मिस्र के बारे में अलक़ऱज़ावी के वर्तमान दृष्टिकोण का जवाब देते हुए कहा कि ख़ुदा तुम्हे शिफ़ा दे, तुम अल्ज़ाइमर की बीमारी में ग्रस्त हो और तुम नहीं जानते कि क्या कह रहे हो। इसके बावुजूद तुमनें जो कहा है उसके आधार पर क़ानून के दृष्टिकोण से तुम गिरफ़्तार होने वाले हो।अख़बारे मिस्र नाम की वेबसाईट नें लिखा है कि मिस्र के पूर्व मुफ़्ती नें एक टीवी प्रोग्राम में ज़ोर देकर कहा कि अलक़रज़ावी अलज़ाइमर की बीमारी से पीड़ित हैं और क़रज़ावी नैतिक साहस कर के लोगों को अपनी इस स्थिति के बारे में बता दें और उनको अपनी बीमारी से अवगत करा दें क्योंकि बीमार पर कोई हरज नहीं है।क़रज़ावी नें आरोप लगाया है कि मिस्र की सरकार उसे परेशान कर रही है और अटार्नी जनरल आफ़िस नें उनका नाम ऐसे लोगों की सूची में डाल दिया है जिनको मिस्र में घुसते ही गिरफ़्तार करने का आदेश है।क़रज़ावी अपने फ़त्वों, मुख्य रूप से सीरिया के बश्शारुल असद और मिस्र के फ़ौज के अधिकारियों की हत्या के फ़तवे की वजह से बहुत मशहूर हो गये है। वह मिस्र में मुर्सी की इख़वानी सरकार के समर्थक थे और कुछ विश्लेषकों का मानना था कि क़रज़ावी और क़तर के अमीर मिल कर इतिहास में पहली बार इख़वानी सरकार को साम्प्रदायिकता में ढ़केल दिया जिसकी वजह से यह पहली सरकार केवल एक साल ही चल सकी और असफल हो गई।