20 सितंबर 2013 - 19:30
सलफ़ी, शहीद शुहाता के ख़ून से सेराब नही हुए, मिस्र के शियों पर हमला।

मिस्र के जीज़ा प्रर्देश में इमाम रेज़ा अ. के जन्म दिन के अवसर पर महफ़िल की ख़बर फैली तो हथियार के बल पर अपनी मान्यताएं फैलाने वाले वहाबी सलफ़ी एक बार फिर सक्रिय हुए और फ़रहत मोहममद अली के घर पर हमला कर दिया और उसे घेर लिया और आधे घण्टे तक उस पर पथराव किया।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार मिस्र के जीज़ा प्रर्देश में इमाम रेज़ा अ. के जन्म दिन के अवसर पर महफ़िल की ख़बर फैली तो हथियार के बल पर अपनी मान्यताएं फैलाने वाले वहाबी सलफ़ी एक बार फिर सक्रिय हुए और फ़रहत मोहममद अली के घर पर हमला कर दिया और उसे घेर लिया और आधे घण्टे तक उस पर पथराव किया।स्पष्ट रहे कि शाबान के महीने में इमाम महदी अज. के जन्म दिवस के अवसर पर वहाबियों नें इसी घर पर हमला किया था और मिस्र के महान आलिमे दीन शेख़ हसन शुहाता और उनके तीन साथियों को बहुत ही बेदर्दी के साथ क़त्ल किया था जिस पर मुर्सी सरकार का रवय्या आतंकवादियों के समर्थन वाला था क्योंकि वह अपनी सत्ता को सऊदियों और वहाबियों के अधीन समझते थे जबकि उनकी सरकार इस घटना के ज़्यादा दिन बाद तक बाक़ी न रह सकी और मुर्सी का तख़्ता पलट दिया गया जिस पर सबसे पहला बधाई संदेश सऊदी बादशाह अब्दुल्लाह नें दिया और इख़वानियों को चेताया कि वहाबियत और आले सऊद, ज़ायोनिज़्म को तो मान सकती है लेकिन इख़वानियों को किसी भी हालत में नहीं।अबना के अनुसार सलफ़ियों नें जो इससे पहले अनेकों बार रसूल के मानने वालों और अहलेबैत के इमामों के बारे में अपनी शत्रुता का सुबूत दे चुके हैं, इस बार आले मोहम्मद की शत्रुता से मजबूर होकर फ़रहत मोहम्मद अली के घर का 30 मिनट तक घेराव किया और घर पर पथराव किया।रिपोर्ट के अनुसार इस बार सिक्योरिटी फ़ोर्स आधे घण्टे बाद घटना स्थल पर पहुँचे तो तकफ़ीरी फ़रार हो गए। घर का घेराव ख़त्म होने के बाद फ़रहत अली मोहम्मद नें रिपोर्टर से कहा कि मेरे घर का घेराव देहातियों नें किया था, जिन्होंने मेरे घर पर पथराव किया। उनमें से कई मेरे पड़ोसी भी थे जिन्हें मैं अच्छी तरह से जानता भी हूँ।