20 सितंबर 2013 - 19:30
अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय आले ख़लीफ़ा सरकार को मानवीय मर्यादाओं का पास रकने पर मजबूर करे।

हिज़बुल्लाह लेबनान नें एक बयान में कहा है कि बहरैन के अधिकारी मस्जिदों को शहीद करते हैं, पवित्र चीज़ों का अपमान करते हैं और औरतों, बड़े बूढ़ों और यहाँ तक कि मरीज़ों को भी गिरफ़्तार करते हैं।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार हिज़बुल्लाह लेबनान नें एक बयान में कहा है कि बहरैन के अधिकारी मस्जिदों को शहीद करते हैं, पवित्र चीज़ों का अपमान करते हैं और औरतों, बड़े बूढ़ों और यहाँ तक कि मरीज़ों को भी गिरफ़्तार करते हैं।हिज़बुल्लाह नें अपने बयान में कहा है कि बहरैन की सरकार नें इस देश के कुछ लोगों की नागरिकता को समाप्त करने को अपने एजेंडे में शामिल कर रखा है और उल्मा काउंसिल को बर्ख़ास्त कर दिया है और यह क़दम आले ख़लीफ़ा के उन लोगों की हत्या के अलावा है जो शांति पूर्ण प्रदर्शनों को कुचलते वक़्त आले ख़लीफ़ा नें शहीद किये हैं।बयान में कहा गया है कि बहरैन अधिकांश उत्पीड़ित जनसंख्या को गुनाह यह है कि वह आज़ादी के साथ और जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार चाहते हैं जो उनकी जाएज़ अधिकारों को उन्हें दे सके।इस बयान में ज़ोर देकर कहा गया है कि हिज़बुल्लाह नागरिकों के कम से कम अधिकारों का ध्यान भी न रखने वाली बहरैन की सरकार के उन क़दमों की आलोचना करती है और आले ख़लीफ़ा सरकार से मांग करती है कि जनता के जाएज़ अधिकारों को देने का काम करे और पिछले ढ़ाई सालों से जारी ज़ुल्म व अत्याचार का सिलसिला समाप्त करे।