विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बहरैन में जनता के विरुद्ध आले ख़लीफ़ा शासन की हिंसक कार्यवाहियों की निंदा की है।हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मर्ज़िया अफ़्ख़म ने रविवार को बहरैन में हालिया कुछ दिनों के परिवर्तनों पर प्रतिक्रिया स्वरूप कहाः बहरैन में सुरक्षा उपाय में कड़ाई और राजनैतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी और उन्हें जेल में डालने से इस देश की समस्याएं न केवल यह कि हल नहीं होंगी बल्कि और जटिल होती जाएंगी।ईरानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने आशा जताई कि बहरैनी अधिकारी विश्वासबहाली के क़दम उठा कर जनता और सरकार के बीच सार्थक बातचीत और उनकी वैध मांगों को पूरा करने की भूमि समतल करेंगे। बहरैनी कार्यकर्ता और विपक्षी नेताओं ने एक बयान में बहरैनी जनता पर आले ख़लीफ़ा शासन के सुरक्षा कर्मियों के हमले की निंदा की और इस शासन की ओर से बहरैनी महिलाओं और बच्चों की की जा रही गिरफ़्तारी और बढ़ती दमनात्मक कार्यवाही पर चिंता जताई।बहरैन में मध्य फ़रवरी 2011 से जनक्रान्ति जारी है।बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन इस देश की सत्ता पर 230 वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा जमाए हुए है।सैकड़ों लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण नौकरियों से निकाल दिया गया और बहुत से डाक्टरों और नर्सों को इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि उन्होंने बहरैनी पुलिस की बर्बरता में घायल होने वाले आम लोगों का उपचार किया था।बहरैनी जनता का कहना है कि वह जब तक प्रजातांत्रिक तरीक़े से चुनी गयी सरकार के गठन की उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती उस समय तक आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध प्रदर्शन जारी रहेगा।
20 सितंबर 2013 - 19:30
समाचार कोड: 465340
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बहरैन में जनता के विरुद्ध आले ख़लीफ़ा शासन की हिंसक कार्यवाहियों की निंदा की है।