अहलबैत न्यूज़ एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के शियों नें उन ध्वस्त मस्जिदों की जगहों पर नमाज़ पढ़ी जिन्हें आले ख़लीफ़ा की डिक्टेटर सरकार नें ध्वस्त कर दिया था।बहरैन में मानवाधिकारों के केन्द्र में धार्मिक आज़ादी के प्रमुख शेख़ मीसम सलमान नें इस विषय में कहा कि ख़लीफ़ीई राज को धार्मिक भेदभाव और सांप्रदायिकता को समाप्त करना होगा।उन्होंने कहा कि मस्जिदों और क़ब्रों को ध्वस्त करना बहुत बड़ा अपराध है और अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय को इसकी निंदा करनी चाहिये।शेख़ मीसम सलमान नें अबू सबीह क़ब्रिस्तान को ख़राब करने और उस पर हल चलाने को बहुत बड़ा अपराध बताया और उसे बहरैनी नागरिकों को उनके प्राथमिक अधिकारों से वंचित रखना है।
10 सितंबर 2013 - 19:30
समाचार कोड: 461967
बहरैन के शियों नें उन ध्वस्त मस्जिदों की जगहों पर नमाज़ पढ़ी जिन्हें आले ख़लीफ़ा की डिक्टेटर सरकार नें ध्वस्त कर दिया था।