हिज़बुल्लाह लेबनान के जनरल सिक्रेट्ररी, सय्यद हसन नसरुल्लाह नें फ़िलिस्तीनी लक्ष्यों के सम्भावित ख़तरों की तरफ़ इशारा करते हुए मुसलमान और अरब देशों से अपील की है कि फ़िलिस्तीन की आज़ादी को वह अपनी पहली प्राथमिकता मानें। रिपोर्ट के अनुसार सय्यद हसन नसरुल्लाह नें विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर अपने भाषण में दक्षिणी बैरूत में स्थित सय्यदुश्शोहदा कैम्पस में कहा कि इस्लामी इन्क़ेलाब की सफलता के कुछ महीनों के बाद अगस्त 1979 को इन्क़ेलाबे इस्लामी के संस्थापक हज़रत इमाम ख़ुमैनी रह. नें एक बयान में विभिन्न क़ौमों, मुख्य रूप से मुसलमानों से कहा था कि वह रमज़ानुल मुबारक के आख़िरी जुमे को विश्व क़ुद्स दिवस के रूप में मनाएं।इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनई भी इमाम ख़ुमैनी रह. के देहान्त के बाद इस मिशन को जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इमाम ख़ुमैनी नें इस्राईल के असली चेहरे को सबके सामने ला दिया है और इस सरकार को कैंसर का फोड़ा बताया है इस लिये इस्राईल का अस्तित्व एक नासूर है और इस नासूर को ख़त्म करने की आवश्यकता है। सय्यद हसन नसरुल्लाह नें कहा कि इस्राईल न केवल फ़िलिस्तीन के लिये ख़तरा है बल्कि क्षेत्र के सभी देशों के लिये बहुत बड़ा ख़तरा है। कुछ लोग यह दिखाना चाहते हैं कि इस्राईल सिर्फ़ फ़िलिस्तीन के लिये ख़तरा है और इससे लेबनान, सीरिया, जॉर्डेन, मिस्र, ईराक़, फ़ार्स की खाड़ी और उत्तरी अफ़्रीक़ा के इस्लामी देशों को ख़तरा नहीं है जबकि यह लोगों के धोखा देने की एक चाल है।
2 अगस्त 2013 - 19:30
समाचार कोड: 448322
हिज़बुल्लाह लेबनान के जनरल सिक्रेट्ररी, सय्यद हसन नसरुल्लाह नें फ़िलिस्तीनी लक्ष्यों के सम्भावित ख़तरों की तरफ़ इशारा करते हुए मुसलमान और अरब देशों से अपील की है कि फ़िलिस्तीन की आज़ादी को वह अपनी पहली प्राथमिकता मानें