क़तर की सीरिया और मिस्र में सभी पॉलीसियां असफल और पराजित हो गई हैं जबकि सऊदी अरब नें मिस्र से क़तर का पत्ता साफ़ कर के अपने लिये जगह बना ली है। सऊदी अरब नें मिस्र में क़तर की समर्थन प्राप्त इख़वानुल मुस्लेमीन सरकार का सफ़ाया कर के अपनी समर्थन वाली सरकार बना ली है। अख़बार के अनुसार क़तर अपने प्रयास जारी रखे है लेकिन उसे सऊदी अरब और एमारात के हाथों मिस्र में बहुत ज़बर्दस्त हार का सामना करना पड़ा है जहाँ क़तर के समर्थन वाली इख़वानुल मुस्लेमीन की सरकार पूरी तरह से समाप्त हो गई और वहाँ मिस्री फ़ौज नें इबवरी सरकार स्थापित कर ली जिसकी सऊदी अरब और एमारात और क़ुवैत समर्थन कर रहे हैं। समाचारों के अनुसार खाड़ी देशों के अरब शासक इख़वानुल मुस्लेमीन को अपने अस्तित्व के लिये बड़ा ख़तरा समझते हैं इसी लिये सऊदी अरब और एमारात नें बड़ी आर्थिक सहायता के माध्यम से मिस्र की इख़वानुल मुस्लेमीन सरकार को समाप्त कर के वहाँ इबवरी सरकार स्थापित कराई और इबवरी सरकार को दस अरब डॉलर की मदद की है जिससे स्पष्ट होता है कि सऊदी अरब और खाड़ी के अरब राष्ट्रों के अमरीका के ग़ुलाम अरब शासक इस्लाम पसंदों को सीरिया और मिस्र में व्यस्त रखना चाहते हैं ताकि इस्लाम पसंदों का ध्यान कहीं खाड़ी अरब राष्ट्रों की तरफ़ न मुड़ जाए।
28 जुलाई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 446475
क़तर की सीरिया और मिस्र में सभी पॉलीसियां असफल और पराजित हो गई हैं जबकि सऊदी अरब नें मिस्र से क़तर का पत्ता साफ़ कर के अपने लिये जगह बना ली है