26 जुलाई 2013 - 19:30
यूरोपीय यूनियन की हिज़बुल्लाह के विरुद्ध कार्यवाही, लेबनान का अपमान

अम्मारुल मूसी नें आज प्रेस कांफ़्रेन्स में कहा कि यूरोपीय यूनियन नें इस क़दम से ना केवल लेबनानी राष्ट्र बल्कि सभी मुसलमान और अरब क़ौमों का अपमान किया है क्योंकि हिज़बुल्लाह की फ़ौज ज़ायोनी सरकार की बर्बरता का मुक़ाबला कर रही है

अलजदीद टी. वी. की रिपोर्ट के अनुसार अम्मारुल मूसी नें आज प्रेस कांफ़्रेन्स में कहा कि यूरोपीय यूनियन नें इस क़दम से ना केवल लेबनानी राष्ट्र बल्कि सभी मुसलमान और अरब क़ौमों का अपमान किया है क्योंकि हिज़बुल्लाह की फ़ौज ज़ायोनी सरकार की बर्बरता का मुक़ाबला कर रही है।मूसवी नें कहा कि यूरोपीय यूनियन नें अमरीका और ज़ायोनी सरकार के दबाव में आकर हिज़बुल्लाह की फ़ौजी शाख़ा को आतंकवादी संगठन की सूची में सम्मिलित कर दिया है। उधर लेबनान की पार्लियामेंट के सदस्य हसन फ़ज़लुल्लाह नें कहा कि हिज़बुल्लाह को ब्लैक लिस्ट में सम्मिलित करना क़ानून के विरुद्ध और लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन है।महत्वपूर्ण बात यह है कि लेबनान के विदेशमंत्री अदनान मंसूरी नें कहा है कि क्षेत्र के कुछ अरब देशों, कुछ बड़ी ताक़तों और लेबनान की कुछ राजनीतिक पार्टियों नें हिज़बुल्लाह लेबनान को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करवाने के लिये अथक प्रयास किये।2006 में 33 दिन की लड़ाई में कुछ अरब देशों में परदे के पीछे से ज़ायोनी सरकार की मदद की थी और उसे हिज़बुल्लाह के विरुद्ध लड़ाई के लिये उकसाया था। राजनैतिक जानकारों और पर्यवेक्षकों का कहना है कि हिज़बुल्लाह को आतंकवादियों की लिस्ट में सम्मिलित करने का सम्बंध सीरिया के शहर अलक़ुसैर में आतंकवादियों की बुरी तरह से हार से है। जानकार यह भी कह रहे हैं कि यूरोपीय यूनियन हिज़बुल्लाह को निशाना बनाकर ज़ायोनी सरकार को दलदल से नहीं निकाल सकती।