मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के परिजनों ने कहा है कि मिस्री सेना ने देश के राष्ट्रपति का अपहरण किया हुआ है।
मुर्सी के परिजनों का कहना है कि सेना ने लोकतांत्रिक रूप से देश के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति का अपहरण किया है और इसके लिए उसके खिलाफ़ देश के भीतर एवं अतंरराष्ट्रीय स्तर पर क़ानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि तीन जुलाई को मिस्र की सेना ने मुर्सी की सरकार का तख्तापलट करके संसद को भंग कर दिया एवं संविधान निलंबित करके मुर्सी को गिरफ़्तार कर लिया था।
मुर्सी के तख्तापल्ट के बाद पहली बार औपचारिक रूप से मीडिया से से बात करते हुए उनकी बेटी शायमा मुर्सी ने कहा कि उनके पिता को बंधक बनाकर रखने का कोई कानूनी या संवैधानिक आधार नहीं है।
शायमा ने कहा कि उनके पिता को अपदस्थ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सैन्य प्रमुख जनरल अब्दुल फ़तह अल सिसी के खिलाफ उनके परिजन तत्काल ही कानूनी कार्रवाई करेगें। जनरल के खिलाफ मिस्र में और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि जब से तख्तापलट हुआ है तब से परिवारवालों ने उनके पिता को नहीं देखा है और न ही उन्हें उनके स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी है।
मुर्सी के परिजनों का कहना है कि सेना ने लोकतांत्रिक रूप से देश के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति का अपहरण किया है और इसके लिए उसके खिलाफ़ देश के भीतर एवं अतंरराष्ट्रीय स्तर पर क़ानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि तीन जुलाई को मिस्र की सेना ने मुर्सी की सरकार का तख्तापलट करके संसद को भंग कर दिया एवं संविधान निलंबित करके मुर्सी को गिरफ़्तार कर लिया था।
मुर्सी के तख्तापल्ट के बाद पहली बार औपचारिक रूप से मीडिया से से बात करते हुए उनकी बेटी शायमा मुर्सी ने कहा कि उनके पिता को बंधक बनाकर रखने का कोई कानूनी या संवैधानिक आधार नहीं है।
शायमा ने कहा कि उनके पिता को अपदस्थ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सैन्य प्रमुख जनरल अब्दुल फ़तह अल सिसी के खिलाफ उनके परिजन तत्काल ही कानूनी कार्रवाई करेगें। जनरल के खिलाफ मिस्र में और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि जब से तख्तापलट हुआ है तब से परिवारवालों ने उनके पिता को नहीं देखा है और न ही उन्हें उनके स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी है।