23 जुलाई 2013 - 19:30
बहरैन में शिया और सुन्नियों में मतभेद पैदा करने की कोशिश।

बहरैन की अल-विफ़ाक़ इस्लामिक पार्टी नें ऐलान किया है कि शिया मुसलमान कभी भी अपने अहलेसुन्नत भाइयों की मस्जिदों पर हमला नहीं करते और यह आरोप ग़लत है।

बहरैन की अल-विफ़ाक़ इस्लामिक पार्टी नें ऐलान किया है कि शिया मुसलमान कभी भी अपने अहलेसुन्नत भाइयों की मस्जिदों पर हमला नहीं करते और यह आरोप ग़लत है।शेख़ अली सलमान नें कहा कि आले ख़लीफ़ा इस तरह के आरोप लगाकर शिया और सुन्नी भाइयों में मतभेद डालना चाहती है और बहरैन के इतिहास में यह कभी नहीं हुआ है कि शिया मुसलमानों नें अपने अहलेसुन्नत भाइयों की मस्जिदों पर हमला किया हो।उन्होंने कहा कि शियों के विश्वास के अनुसार किसी भी मस्जिद पर हमला करना सही नहीं है और वह अपने अहले सुन्नत भाइयों की मस्जिदों का सम्मान करते हैं और उनकी नज़र में शिया व सुन्नी मस्जिदों में किसी तरह का कोई अन्तर नहीं है। शेख़ अली सलमान नें कहा कि आले ख़लीफ़ा के लोगों नें शिया मुसलमानों की मस्जिदों पर हमले किये हैं लेकिन आले ख़लीफ़ा नें इन हमलों पर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है।स्पष्ट रहे कि आले ख़लीफ़ा की शाही सरकार बहरैन की जनता को दबाने के लिये देश में शिया सुन्नी मतभेद और लोगों के बीच दूरियां पैदा करने की कोशिश कर रही है। बहरैन की जनता अपने मर चुके अधिकारों को ज़िन्दा करने और आले ख़लीफ़ा की अत्याचारी पॉलीसियों के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं।