23 जुलाई 2013 - 19:30
सीरिया  में पवित्र स्थलों पर हमले सांप्रदायिकता फैलाने की साज़िश

सीरिया में वहाबी आतंकियों की तरफ़ से रसूल स. की नवासी हज़रत ज़ैनब स. के रौज़े पर होने वाले हमले की आलोचना का सिलसिला जारी है और इसे मुसलमानों के बीच सांप्रदायिकता की आग फैलाने की साज़िश माना जा रहा है....

सीरिया में वहाबी आतंकियों की तरफ़ से रसूल स. की नवासी हज़रत ज़ैनब स. के रौज़े पर होने वाले हमले की आलोचना का सिलसिला जारी है और इसे मुसलमानों के बीच सांप्रदायिकता की आग फैलाने की साज़िश माना जा रहा है। पाकिस्तान से मिली रिपोर्ट के अनुसार जमीअते ओलमए इस्लाम के प्रमुख मौलाना फज़लुर्रहमान नें कहा है कि सीरिया में पवित्र स्थलों पर हमले सांप्रदायिकता फैलाने की साज़िश का हिस्सा हैं।इस्लामाबाद से जारी बयान में मौलाना का कहना था कि सीरिया का मामला बातचीत से हल किया जाना चाहिये और संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि अख़ज़र इब्राहीमी के फ़ारमूले को माना जाए. उनका कहना था कि ईराक़ और लीबिया की तरह विदेशी हस्तक्षेप द्वारा सरकार बदलने का समर्थन नहीं किया जा सकता।मौलाना फ़ज़लुर्रहमान नें कहा कि सीरिया में सरकार बदलने के लिये अमरीका, इस्राईल और उनके विभिन्न साथियों की सांप्रदायिकता फैलाने के लिये आलोचना की जानी आवश्यक है। उनका कहना था कि ईराक़ और लीबिया की तरह सरकार बदलने का समर्थन नहीं करना चाहिये।