18 जुलाई 2013 - 19:30
बहरैन के शिया बहुल क्षेत्रों में हर तरह के विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह से पाबंदी

बहरैन में सरकार नें किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है, फ़्रांस प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के विदेश मंत्रालय नें पिछले दिन एलान किया है कि ख़मीस और सारा समेत देश के सभी शिया इलाक़ों में हर तरह के विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदी लगा दी गई है।

बहरैन में सरकार नें किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है, फ़्रांस प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के विदेश मंत्रालय नें पिछले दिन एलान किया है कि ख़मीस और सारा समेत देश के सभी शिया इलाक़ों में हर तरह के विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार नें एलान किया है कि अगर किसी आदमी या संगठन नें इस आदेश का उल्लंघन किया तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
बहरैन की आले ख़लीफ़ा सरकार नें ऐसे समय पर प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाई है कि जब अल रफ़ा इलाक़े की एक मस्जिद की पार्किंग में दो दिन पहले कार बम धमाका हुआ था हालांकि उसमें कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ था।
स्पष्ट रहे कि बहरैन में पिछले दिनों चार बम धमाके हुए और इन धमाकों पर कहा जा रहा है कि आले ख़लीफ़ा सरकार की तरफ़ से देश की जनता को डराने धमकाने के उद्देश्य से इस तरह के घमाके कराए जा रहे हैं।
इससे पहले बहरैन के अल-विफ़ाक़ इस्लामिक पार्टी के प्रमुख शेख़ अली सलमान ने कहा था कि हम इस तानाशाह सरकार को सम्बोधित कर के कहते हैं कि बहरैन के लोगों के अधिकारों को रौंदना किसी भी हालत में जाएज़ नहीं है और दुनिया वालों को इस देश की जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन करना चाहिये।
 दूसरी तरफ़ बहरैन के अलवफ़ा संगठन नें बयान जारी करते हुए कहा कि बहरैन में आले ख़लीफ़ा का ज़ुल्म व अत्याचार रमज़ान के महीने में भी जारी है और सरकार लोगों को रमज़ान में भी सुकून के साथ इबादत नहीं करने दे रही है। बयान में यह भी कहा गया कि सरकार नें आम शहरियों के घरों पर हमलों में तेज़ी कर दी है और जवानों को उनके घरों से गिरप़्तार किया जा रहा है और प्रदर्शन करने वालों का दमन किया जा रहा है।