13 जुलाई 2013 - 19:30
बहरैन में महिला क़ैदियों के साथ बुरे व्यवहार की निन्दा

बहरैन की जेलों में राजनीतिक क़ैदियों को अवैध सज़ाएं दिये जाने और एक महिला क़ैदी रेहाना मूसवी के कपड़े उतार कर उसकी तलाशी लिये जाने के विरुद्ध देश के बड़े उल्मा नें संयुक्त रूप से बयान जारी कर के इस गंदी और बेहूदी हरकत की कड़ी आलोचना की है।

बहरैन की जेलों में राजनीतिक क़ैदियों को अवैध सज़ाएं दिये जाने और एक महिला क़ैदी रेहाना मूसवी के कपड़े उतार कर उसकी तलाशी लिये जाने के विरुद्ध देश के बड़े उल्मा नें संयुक्त रूप से बयान जारी कर के इस गंदी और बेहूदी हरकत की कड़ी आलोचना की है।
बहरैन के उल्मा नें ज़ोर दिया है कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और ज़बरदस्ती बड़े अपराधों में से है और केवल वही लोग इस तरह के कामों में सम्मिलित होते हैं जिनके अन्दर न तो इन्सानी अंतरात्मा होती है और न अच्छा चाल चलन और अगर ऐसी घटनाएं सरकारी पदाधिकारियों के सपोर्ट में हों तो और भी बुरे हो जाते है।
बहरैन के बुज़ुर्ग उल्मा नें कहा कि अभी आई रिपोर्ट के अनुसार एक क़ैदी महिला के साथ दुर्व्यवहार और इसी तरह विभिन्न क़ैदियों के साथ बुरा बर्ताव ऐसा काम है जो इस्लाम और इन्सानियत से दूर और निंदनीय है।
इस सामूहिक बयान में जो आयतुल्लाह सय्यद जवाद अलविदाई, आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम, आयतुल्लाह सय्यद अब्दुल ग़ुरैफ़ी, शेख़ अब्दुल हुसैनु सतरी और शेख़ मोहम्मद सालेह अलरबीई के तरफ़ से आया है, बहरैन की सरकार को इन नाजाएज़ कामों के लिये ज़िम्मेदार ठहराया गया है।
उल्मां नें इस बात की तरफ़ इशारा करते हुए कि महिलाओं के विरुद्ध दुर्व्यवहार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि उस महिला को जिसे दुर्व्यवहार का निशाना बनाया है और विभिन्न क़ैदियों को फ़ौरन रिहा किया जाए और दोषियों को सज़ा दी जाए।