पूर्व इमामे काबा अल शेख़ आदिल बिन सालिम अल्कबानी नें कहा है कि दुनिया भर में होने वाले आत्मघाती हमलों का इस्लाम से कोई सम्बंध नहीं है। पूर्व इमामे काबा नें एक इन्टरव्यू में आतंकवाद की घटनाओं में बेगुनाह लोगों के मारे जाने पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि इस्लाम का नाम लेकर आतंक फैलाने वाले भटके हुए हैं और वह ग़लत रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने हा कि हमारा दीन किसी भी सूरत में मस्जिदों और स्कूलों पर हमले को सही नहीं ठहराता है। पूर्व इमामे काबा का बयान ऐसे में सामने आया कि सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल पाकिस्तान के पचास उल्मा के संयुक्त फ़तवे में यह कहा गया है कि शिर्क के बाद क़त्ल सबसे बड़ा गुनाह है और बेगुनाह इन्सानों का ख़ून बहाने वाले इस्लाम के ग़द्दार और पाकिस्तान के बाग़ी हैं। पचास उल्मा नें संयुक्त रूप से कहा कि अमरीका के विरुद्ध जेहाद का असली मैदान पाकिस्तान नहीं अफ़ग़ानिस्तान है, पाकिस्तानी तालेबान वर्तमान काल के ख़्वारिज हैं जो मुसलमानों के क़त्ल को सही ठहराते हैं।
11 जुलाई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 439964
पूर्व इमामे काबा नें एक इन्टरव्यू में आतंकवाद की घटनाओं में बेगुनाह लोगों के मारे जाने पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि इस्लाम का नाम लेकर आतंक फैलाने वाले भटके हुए हैं और वह ग़लत रास्ते पर चल रहे हैं