11 जुलाई 2013 - 19:30
हम शियों के पीछे नमाज़ पढ़ते हैं।

मिस्र की इस्लामी यूनिवर्सिटी अल अज़हर के मुखिया शेख़ अहमद अल तय्यब नें शियों के विरुद्ध कुफ़्र के फ़तवे लगाने को नाजाएज़ बताते हुए कहा कि जब ऐसी बातें हमारे दिमाग़ों पर छा जाएंगी तो हम अरब, अरबी सभ्यता और मुसलमान, इस्लामी शिक्षाओं से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज हमें पूरी दुनिया के अन्दर मुसलमानों के बीच एकता की ज़रूरत

मिस्र की इस्लामी यूनिवर्सिटी अल अज़हर के मुखिया शेख़ अहमद अल तय्यब नें शियों के विरुद्ध कुफ़्र के फ़तवे लगाने को नाजाएज़ बताते हुए कहा कि जब ऐसी बातें हमारे दिमाग़ों पर छा जाएंगी तो हम अरब, अरबी सभ्यता और मुसलमान, इस्लामी शिक्षाओं से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज हमें पूरी दुनिया के अन्दर मुसलमानों के बीच एकता की ज़रूरत है। हमारे दुश्मन हमारे लिये ऐसे प्रोपगंडे तैयार करते हैं ताकि मुसलमान क़ौमें एक दूसरे से अलग हो जाएं। सभी इस्लामी समुदायों के बीच में एकता बहुत ही महत्वपूर्ण है और जिसकी आज के समय में बहुत आवश्यकता है। मुसलमानों के बीच एकता के बिना हम वर्तमान युग में सफल नहीं हो सकते हैं और यह तभी सम्भव है जब हम दुश्मन की पॉलिसी को समझ लें।
अहमद अल तय्यब नें शियों पर लगाए जाने वाले कुछ आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि हम शियों के पीछे नमाज़ पढ़ते हैं और जैसा कि उन पर आरोप लगाया जाता है कि उनका क़ुरआन दूसरा है, ऐसा नहीं है उनका भी यही क़ुरआन है। अगर शियों का कोई अलग क़ुरआन होता तो सामने क्यों नहीं आता है।