अहलेबैत (अ.) समाचार एजेंसी अबना ने अल-आलम की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन के 'अल-नवीदरात' में 70 साल पुरानी 'अबूज़रे गफ्फ़ारी' नामक मस्जिद कुछ महीने पहले आले खलीफा के मजदूरों ने ध्वस्त कर दी थी जबकि अब उस जगह पर इस देश की तानाशाह और क्रूर सरकार ने पार्क बनाने का फैसला किया है।बहरैन में सक्रिय धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में याचिका दायर करवा कर मस्जिद की जगह पार्क बनाने की कार्यवाही को रुकवाने की मांग की है।बहरैन के इंक़ेलाब में सक्रिय मीसम सलमान का कहना है कि मस्जिदे अबूज़रे गफ्फ़ारी को 19 अप्रैल 2011 में शहीद कर दिया गया था।उन्होंने बल दिया: यह मस्जिद 70 साल पुरानी मस्जिद है और इसका नाम सहाबी-ए-रसूल हज़रत अबूज़र गफ्फ़ारी के नाम पर बहरैन के वक़्फ़ बोर्ड में दर्ज है। लेकिन आले खलीफा तानाशाह सरकार का दावा है कि यह मस्जिद अवैध रूप से बनाई गई थी इसलिए उसकी जगह पार्क बनाया जाएगा।गौरतलब है कि आले खलीफा सरकार ने पिछले दो साल के भीतर 40 से अधिक शिया मस्जिदों और इमाम बारगाहों को शहीद कर दिया है और अब उनकी जमीनों को छीनने की कोशिश की जा रही है।
1 जुलाई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 436234
बहरैन के 'अल-नवीदरात' में 70 साल पुरानी 'अबूज़रे गफ्फ़ारी' नामक मस्जिद कुछ महीने पहले आले खलीफा के मजदूरों ने ध्वस्त कर दी थी जबकि अब उस जगह पर इस देश की तानाशाह और क्रूर सरकार ने पार्क बनाने का फैसला किया है।